नवंबर 1934 का संबंध नवंबर से है। दीपावली सप्ताह कैलेंडर पर छा जाता है: धनतेरस से भाई दूज, गोवर्धन पूजा, पूर्व में छठ, और कार्तिक पूर्णिमा, भारत का सबसे प्रकाशमय त्योहार-पखवाड़ा। मुख्य पर्व: धनतेरस (4 नव॰), दीपावली (6 नव॰), नरक चतुर्दशी (6 नव॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 17 मिश्रित। एकादशी व्रत: 3 नव॰, 17 नव॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
4
द्वादशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
5
त्रयोदशी
भूत चतुर्दशी
हनुमान पूजा
मासिक शिवरात्रि
6
चतुर्दशी
दीपावली
+4 और
काली पूजा
चोपड़ा पूजन
दीपावली
+2 और
7
अमावस्या
गोवर्धन पूजा
8
प्रतिपदा
बलि प्रतिपदा
बेस्तु वरस
भाई दूज
9
द्वितीया
10
चतुर्थी
लाभ चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
11
पंचमी
लाभ पंचम
12
षष्ठी
छठ पूजा
13
सप्तमी
जलाराम जयंती
14
अष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी
15
नवमी
जगद्धात्री पूजा
अक्षय नवमी
16
दशमी
कंस वध
वृश्चिक संक्रांति
17
एकादशी
देवउठनी एकादशी
18
द्वादशी
तुलसी विवाह
शुक्ल प्रदोष व्रत
19
त्रयोदशी
20
चतुर्दशी
वैकुंठ चतुर्दशी
21
पूर्णिमा
देव दिवाली
गुरु नानक जयंती
रास पूर्णिमा
+1 और
22
प्रतिपदा
23
द्वितीया
24
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
25
चतुर्थी
26
पंचमी
27
षष्ठी
28
सप्तमी
29
अष्टमी
कालभैरव जयंती
कालाष्टमी
30
नवमी
4
रवि
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
5
सोम
भूत चतुर्दशी
हनुमान पूजा
मासिक शिवरात्रि
6
मंगल
काली पूजा
चोपड़ा पूजन
दीपावली
नरक चतुर्दशी
अमावस्या
7
बुध
गोवर्धन पूजा
8
गुरु
बलि प्रतिपदा
बेस्तु वरस
भाई दूज
10
शनि
लाभ चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
11
रवि
लाभ पंचम
12
सोम
छठ पूजा
13
मंगल
जलाराम जयंती
14
बुध
मासिक दुर्गाष्टमी
15
गुरु
जगद्धात्री पूजा
अक्षय नवमी
16
शुक्र
कंस वध
वृश्चिक संक्रांति
17
शनि
देवउठनी एकादशी
18
रवि
तुलसी विवाह
शुक्ल प्रदोष व्रत
20
मंगल
वैकुंठ चतुर्दशी
21
बुध
देव दिवाली
गुरु नानक जयंती
रास पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
24
शनि
संकष्टी चतुर्थी
29
गुरु
कालभैरव जयंती
कालाष्टमी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।