अगस्त 1933 का संबंध अगस्त से है। वर्ष के सबसे व्यस्त त्योहार-कालों में एक: जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी के दस दिन, केरल में ओणम, और पूर्वजों के पितृ पक्ष पखवाड़े का आरम्भ। मुख्य पर्व: वरलक्ष्मी व्रत (4 अग॰), रक्षा बंधन (5 अग॰), नारली पूर्णिमा (5 अग॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 7 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 2 अग॰, 16 अग॰, 31 अग॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
15
दशमी
स्वतंत्रता दिवस
+1 और
स्वतंत्रता दिवस
मंगला गौरी व्रत
16
एकादशी
सिंह संक्रांति
अजा एकादशी
बुध पूजन
17
द्वादशी
बृहस्पति पूजन
18
द्वादशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
जीवंतिका पूजन
19
त्रयोदशी
अश्वत्थ मारुति पूजन
मासिक शिवरात्रि
20
चतुर्दशी
बैल पोला
अमावस्या
आदित्य पूजन
21
अमावस्या
श्रावण सोमवार
सोमवती अमावस्या
22
प्रतिपदा
23
द्वितीया
वराह जयंती
24
तृतीया
गणेश चतुर्थी
केवड़ा तीज
विनायक चतुर्थी
+1 और
25
चतुर्थी
ऋषि पंचमी
26
पंचमी
बलराम जयंती
27
षष्ठी
28
अष्टमी
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
राधा अष्टमी
धरो आठम
+1 और
29
नवमी
ज्येष्ठा गौरी पूजन
30
दशमी
ज्येष्ठा गौरी विसर्जन
31
एकादशी
पार्श्व एकादशी
15
मंगल
स्वतंत्रता दिवस
मंगला गौरी व्रत
16
बुध
सिंह संक्रांति
अजा एकादशी
बुध पूजन
17
गुरु
बृहस्पति पूजन
18
शुक्र
कृष्ण प्रदोष व्रत
जीवंतिका पूजन
19
शनि
अश्वत्थ मारुति पूजन
मासिक शिवरात्रि
20
रवि
बैल पोला
अमावस्या
आदित्य पूजन
21
सोम
श्रावण सोमवार
सोमवती अमावस्या
23
बुध
वराह जयंती
24
गुरु
गणेश चतुर्थी
केवड़ा तीज
विनायक चतुर्थी
हरतालिका तीज
25
शुक्र
ऋषि पंचमी
26
शनि
बलराम जयंती
28
सोम
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
राधा अष्टमी
धरो आठम
मासिक दुर्गाष्टमी
29
मंगल
ज्येष्ठा गौरी पूजन
30
बुध
ज्येष्ठा गौरी विसर्जन
31
गुरु
पार्श्व एकादशी
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