अगस्त 1914 का संबंध अगस्त से है। वर्ष के सबसे व्यस्त त्योहार-कालों में एक: जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी के दस दिन, केरल में ओणम, और पूर्वजों के पितृ पक्ष पखवाड़े का आरम्भ। मुख्य पर्व: रक्षा बंधन (5 अग॰), नारली पूर्णिमा (5 अग॰), नाग पंचम (गुजरात) (11 अग॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 17 मिश्रित। एकादशी व्रत: 2 अग॰, 17 अग॰, 31 अग॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
15
नवमी
स्वतंत्रता दिवस
+2 और
स्वतंत्रता दिवस
गोपालकाला
अश्वत्थ मारुति पूजन
16
दशमी
सिंह संक्रांति
आदित्य पूजन
17
एकादशी
अजा एकादशी
श्रावण सोमवार
18
द्वादशी
मंगला गौरी व्रत
19
त्रयोदशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
बुध पूजन
मासिक शिवरात्रि
20
चतुर्दशी
बृहस्पति पूजन
21
अमावस्या
बैल पोला
अमावस्या
जीवंतिका पूजन
22
प्रतिपदा
23
द्वितीया
वराह जयंती
24
तृतीया
गणेश चतुर्थी
केवड़ा तीज
विनायक चतुर्थी
+1 और
25
चतुर्थी
ऋषि पंचमी
26
षष्ठी
बलराम जयंती
27
सप्तमी
28
अष्टमी
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
राधा अष्टमी
धरो आठम
+1 और
29
नवमी
ज्येष्ठा गौरी पूजन
30
दशमी
ज्येष्ठा गौरी विसर्जन
31
एकादशी
पार्श्व एकादशी
15
शनि
स्वतंत्रता दिवस
गोपालकाला
अश्वत्थ मारुति पूजन
16
रवि
सिंह संक्रांति
आदित्य पूजन
17
सोम
अजा एकादशी
श्रावण सोमवार
18
मंगल
मंगला गौरी व्रत
19
बुध
कृष्ण प्रदोष व्रत
बुध पूजन
मासिक शिवरात्रि
20
गुरु
बृहस्पति पूजन
21
शुक्र
बैल पोला
अमावस्या
जीवंतिका पूजन
23
रवि
वराह जयंती
24
सोम
गणेश चतुर्थी
केवड़ा तीज
विनायक चतुर्थी
हरतालिका तीज
25
मंगल
ऋषि पंचमी
26
बुध
बलराम जयंती
28
शुक्र
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
राधा अष्टमी
धरो आठम
मासिक दुर्गाष्टमी
29
शनि
ज्येष्ठा गौरी पूजन
30
रवि
ज्येष्ठा गौरी विसर्जन
31
सोम
पार्श्व एकादशी
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