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केपी घटना समय

वही अवधियां रखें जो हर केपी कसौटी पर खरी उतरें।

कोई अवधि रिपोर्ट में तभी रहती है जब जन्म-कुंडली का वादा, दशा पात्रता और चंद्र गोचर — तीनों सहमत हों।

नया संस्करण जल्द आ रहा है पद्धति देखें

कोई अवधि तभी दिखती है जब तीनों का उत्तर “हां” हो

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    क्या कुंडली में इस घटना का वादा है?

    संबंधित भाव-संधि का उप-स्वामी उन भावों का संकेत दे, जिनसे वह घटना जुड़ी है।

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    क्या चालू दशाएं इसे दे सकती हैं?

    महादशा से सूक्ष्म दशा तक की जांच उन्हीं केपी घटना-नियमों से होती है।

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    क्या चंद्र गोचर इसकी पुष्टि करता है?

    केवल घटना से जुड़े केपी नक्षत्र और उप-अंतराल ही रखे जाते हैं।

केवल अंग्रेज़ी में · रिपोर्ट फ़िलहाल केवल अंग्रेज़ी में तैयार होती हैं। हिंदी अनुवाद जल्द आ रहे हैं।
कृष्णमूर्ति (केपी) अयनांश
प्लेसिडस / सेमी-आर्क भाव
अपना NASA/JPL DE440 इंजन
मध्यम राहु (मीन नोड) पद्धति स्पष्ट रूप से बताई गई

आठ अलग प्रश्न, एक अस्पष्ट “वित्त” स्कोर नहीं

हर प्रश्न के अपने घटना-भाव, सहायक भाव और बाधक भाव होते हैं। रिपोर्ट किसी बड़े विषय का एक ही लेबल लेकर यह नहीं मान लेती कि उसके भीतर की हर घटना एक जैसी है।

करियर में प्रगति

पदोन्नति या काम में कोई ठोस आगे बढ़ना

आय और लाभ

प्राप्ति, आमदनी या कोई ठोस आर्थिक लाभ

विवाह और प्रतिबद्धता

विवाह या औपचारिक साझेदारी — रिश्ते का मिज़ाज नहीं

स्वास्थ्य-लाभ और ऊर्जा

रोग-निदान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य-लाभ में सहारा

संपत्ति प्राप्ति

घर, ज़मीन या संपत्ति लेना

शिक्षा में प्रगति

प्रवेश, पढ़ाई में प्रगति या तय पाठ्यक्रम पूरा करना

लंबी दूरी की यात्रा

रोज़ की आवाजाही नहीं, बल्कि कोई बड़ी यात्रा

संतान और परिवार की वृद्धि

संतान जन्म, एक निश्चित पारिवारिक घटना के रूप में

रिपोर्ट ईमानदारी से “कोई अवधि नहीं” क्यों कह सकती है

चुनिंदा होना ही इस रिपोर्ट की खूबी है। यदि कोई एक कसौटी विफल होती है, तो रिपोर्ट कैलेंडर भरने के बजाय यह बताती है कि बात कहां रुकी।

कुंडली का वादा

समय की गणना शुरू हो या नहीं, यह संबंधित भाव-संधि तय करती है

रिपोर्ट जन्म-कुंडली से भाव-संधि उप-स्वामी के केपी संकेत निकालती है। यदि घटना का संकेत नहीं मिलता, तो वह वहीं रुक जाती है और यह बता देती है।

दशा पात्रता

चालू दशा क्रम में घटना के लिए पर्याप्त बल होना चाहिए

महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर्दशा और सूक्ष्म दशा — सबकी एक साथ जांच होती है। कोई अवधि केवल इसलिए नहीं जोड़ी जाती कि वह अभी चल रही है।

गोचर पुष्टि

चंद्रमा योग्य अवधियों को स्थानीय तिथियों तक सीमित करता है

इंजन केपी नक्षत्र/उप-सीमाएं निकालता है, उन्हें योग्य दशा अवधियों से मिलाता है, और बची हुई अवधि को रिपोर्ट के समय-क्षेत्र में बदल देता है।

चार स्पष्ट परिणाम

हर घटना-प्रश्न का एक स्पष्ट उत्तर मिलता है। रिपोर्ट अपने प्रमाण स्कोर को संभावना का दावा नहीं बनाती।

अमान्य जानकारी

कुंडली या मांगी गई अवधि का भरोसेमंद आकलन नहीं हो सकता।

संकेत नहीं है

इस विशेष घटना के लिए कुंडली में आवश्यक वादा नहीं है।

कोई स्पष्ट संकेत नहीं

वादा तो है, पर मांगी गई अवधि में दशा या गोचर का साथ पर्याप्त नहीं है।

समय-अवधियां

तिथि-क्रम में अधिकतम तीन अवधियां — हर एक के साथ प्रमाण-सामर्थ्य स्कोर और उसका दशा/गोचर आधार।

पहले सरल उत्तर। प्रमाण, जब आप चाहें।

पहला पृष्ठ व्यावहारिक सवाल का जवाब देता है। जो पाठक केपी तर्क को स्वयं जांचना चाहते हैं, उनके लिए विस्तृत प्रमाण भी मौजूद रहते हैं।

  • पूरी आरंभ और समाप्ति तिथियां; केवल महीने का नाम नहीं
  • सूक्ष्म दशा तक के दशा स्वामी
  • चंद्रमा के नक्षत्र/उप-स्वामी की पुष्टि
  • प्रमाण-सामर्थ्य स्कोर, समय-क्षेत्र और नोड पद्धति

यह रिपोर्ट क्या दावा नहीं करती

  • यह गारंटी नहीं देती कि घटना घटेगी ही।
  • यह रैंकिंग को संभावना (प्रोबेबिलिटी) में नहीं बदलती।
  • यह खोज-अवधि के पहले दिन को अपने-आप परिणाम नहीं मान लेती।
  • यह इन अवधियों को मुहूर्त के रूप में प्रस्तुत नहीं करती।
  • यह चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है।

12 महीने की रिपोर्ट, जो कम कहती है — पर कारण सहित

इससे किसी घटना की संभावित अवधियां देखें, फिर अपना विवेक और वास्तविक परिस्थितियां साथ रखकर निर्णय लें।

नया संस्करण जल्द आ रहा है

हम इस रिपोर्ट को और बेहतर बनाने के लिए इसे नया रूप दे रहे हैं। नया संस्करण तैयार होने तक यह अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है — जल्द ही फिर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न